प्रतिदिन 30 बंदियों को मिलेगा आराधना का मौका केंद्रीय जेल में माता की भक्ति में कैदियों का गरबा

उज्जैन। केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में नवरात्री का पर्व मानाया जा रहा है। माता की आराधना में कैदी गरबा कर रहे है। 9 दिनों तक अलग-अलग कैदियों को आराधना का मौका दिया जायेगा। जिनके लिये विशेष ड्रेस की व्यवस्था की गई है।
पूरे देश में शक्ति की देवी मां दुर्गा की आराधाना का पर्व शारदीय नवरात्री आस्था और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। पांडालों में माता की आराधना में गरबा नृत्य धूमधाम के साथ चल रहा है। ऐसे में केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में माता की आराधना में संगीन जुर्मो की सजा काट रहे सैकड़ों बदी माता की भक्ति में डूबे दिखाई दे रहे है। जेल प्रांगण में माता की प्रतिमा स्थापित की गई है। जहां प्रतिदिन शाम 7 से 8 बजे तक माता की आराधना हो रही है और कैदियों द्वारा गरबा किया जा रहा है। इस दौरान ढोल भी कैदी बजा रहे और बैंड भी। भजनों की प्रस्तुति भी कैदियों द्वारा दी जा रही है। इस दौरान 500 से अधिक कैदियों द्वारा उपवास रखा जा रहा है। पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। केन्द्रीय जेल में विशेष पर्वो के साथ राष्ट्रीय पर्व की परंपरा बनी हुई है। लेकिन माता की आराधना में किये जाने वाले गरबों की शुरूआत पिछले वर्ष से की गई है।
जेल प्रशासन ने उपलब्ध कराई खास ड्रेस
जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि माता की आराधना में किये जा रहे गरबों के दौरान कुछ कैदियों के लिये विशेष ड्रेस की व्यवस्था की गई है। गरबों के दौरान पुरूष कैदी लहंगा-चुनरी पहनकर गरबों में शामिल हो रहे है। जेल परिसर में नवरात्री पर्व के चलते साज-सज्जा की गई है। प्रतिदिन होने वाले गरबों में 30 बंदियों को मौका दिया जा रहा है। प्रतिदिन बंदियों को गरबों के लिये बदला भी जायेगा, ताकि सभी को मौक मिल सके।
सुधार के लिये पारिवारिक माहौल के प्रयास
केन्द्रीय जेल में 2 हजार से अधिक बंदी हत्या, दुष्कर्म, हत्या का प्रयास, अवैध मादक पदार्थ मामलों में सजा काट रहे है। जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को सुधार का मौका और अपराध से दूर रखने के प्रयास किये जा रहे है। जिसमें जेल की चार दीवारी से बाहर का माहौल भी परिसर में बनाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। कुछ दिन पहले श्राद्ध पक्ष मं बंदियों के लिये अपने पूर्वजों के तर्पण-पिंडदान की व्यवस्था भी की गई थी। उससे पहले रक्षाबंधन का पर्व भी धूमधाम के साथ मनाया गया था। 2 राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी और 15 अगस्त भी कैदियों द्वारा देशभक्ति की प्रस्तुति के साथ मनाया जाता है। यहीं नहीं खुली जेल की शुरूआत भी केन्द्रीय भैरवगढ़ जेल में हो चकी है।

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